कुंडली (जन्म कुंडली या जन्मपत्री) आपके जन्म के सटीक क्षण और स्थान पर आकाश का मानचित्र है, जो निरयन राशिचक्र से बनता है। इसमें लग्न, बारह भाव, और सूर्य, चंद्र, पाँच ग्रहों तथा राहु-केतु की स्थिति दिखाई जाती है। वैदिक ज्योतिष इससे स्वभाव और समय का विचार करता है।
कुंडली बनाने के लिए क्या चाहिए?
तीन चीज़ें: जन्म तिथि, जन्म समय (जितना सटीक हो) और जन्म स्थान। स्थान से अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र मिलता है। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए समय सबसे महत्वपूर्ण है।
कुंडली के मुख्य भाग क्या हैं?
- लग्न: जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि — प्रथम भाव।
- बारह भाव: जीवन के क्षेत्र — स्वयं, धन, भाई-बहन, घर, संतान, सेवा, साझेदारी, परिवर्तन, भाग्य, कर्म, लाभ और व्यय।
- नवग्रह: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
- राशि और नक्षत्र: चंद्रमा की राशि और नक्षत्र।
- दशा: चंद्र नक्षत्र से आरंभ होने वाली विंशोत्तरी दशा।
कुंडली का उपयोग कैसे करें?
आत्म-चिंतन के ढाँचे के रूप में। कुंडली वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है और किसी परिणाम की गारंटी नहीं देती। यह चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी कुंडली देखने के लिए हमारा मुफ़्त कुंडली टूल आज़माएँ।
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