बारह राशियाँ
वैदिक ज्योतिष में "आपकी राशि" का अर्थ प्रायः चंद्र राशि होता है — जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था।
राशि राशिचक्र का 30° का भाग है। वैदिक ज्योतिष बारह राशियों को निरयन (तारा-आधारित) पद्धति से मापता है, जो पश्चिमी राशियों से लगभग 24° पीछे है। प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह, तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) और स्वभाव (चर, स्थिर, द्विस्वभाव) होता है।
मेष राशि
मंगल · अग्नि · चर
सूर्य: 14 Apr – 14 May
वृषभ राशि
शुक्र · पृथ्वी · स्थिर
सूर्य: 15 May – 14 Jun
मिथुन राशि
बुध · वायु · द्विस्वभाव
सूर्य: 15 Jun – 15 Jul
कर्क राशि
चंद्र · जल · चर
सूर्य: 16 Jul – 16 Aug
सिंह राशि
सूर्य · अग्नि · स्थिर
सूर्य: 17 Aug – 16 Sep
कन्या राशि
बुध · पृथ्वी · द्विस्वभाव
सूर्य: 17 Sep – 16 Oct
तुला राशि
शुक्र · वायु · चर
सूर्य: 17 Oct – 15 Nov
वृश्चिक राशि
मंगल · जल · स्थिर
सूर्य: 16 Nov – 15 Dec
धनु राशि
गुरु · अग्नि · द्विस्वभाव
सूर्य: 16 Dec – 13 Jan
मकर राशि
शनि · पृथ्वी · चर
सूर्य: 14 Jan – 12 Feb
कुंभ राशि
शनि · वायु · स्थिर
सूर्य: 13 Feb – 13 Mar
मीन राशि
गुरु · जल · द्विस्वभाव
सूर्य: 14 Mar – 13 Apr
राशियों को कैसे समूहों में बाँटा जाता है?
तत्व: अग्नि (मेष, सिंह, धनु) ऊर्जा और पहल; पृथ्वी (वृषभ, कन्या, मकर) व्यावहारिकता; वायु (मिथुन, तुला, कुंभ) विचार और संवाद; जल (कर्क, वृश्चिक, मीन) भावना और अंतर्ज्ञान।
स्वभाव: चर राशियाँ (मेष, कर्क, तुला, मकर) आरंभ करती हैं, स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) टिकाए रखती हैं, और द्विस्वभाव राशियाँ (मिथुन, कन्या, धनु, मीन) परिस्थिति के अनुसार ढलती हैं।
चंद्र राशि, सूर्य राशि और लग्न में क्या अंतर है?
वैदिक ज्योतिष में राशिफल और कुंडली मिलान प्रायः चंद्र राशि से होते हैं। सूर्य राशि लगभग एक महीने तक एक ही रहती है, जबकि चंद्रमा हर सवा दो दिन में राशि बदलता है और लग्न लगभग हर दो घंटे में। इसलिए सटीक जन्म समय लग्न के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
अपनी पूरी कुंडली की व्याख्या के लिए संपूर्ण जीवन कुंडली देखें, या दो राशियों की अनुकूलता के लिए राशि मिलान पढ़ें।