नक्षत्र 11 / 27

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र

Purva Phalguni · स्वामी शुक्र · 13°20′ सिंह – 26°40′ सिंह

संक्षिप्त उत्तर

पूर्वा फाल्गुनी के देवता वैवाहिक सुख और आनंद के देव भग हैं, और प्रतीक पलंग के अगले पाए — परिश्रम के बाद विश्राम। यह आनंद, प्रेम, रचनात्मकता का नक्षत्र है। जातक गर्मजोशी भरे, मिलनसार और कलाप्रिय होते हैं। राशिचक्र में पूर्वा फाल्गुनी 13°20′ सिंह से 26°40′ सिंह तक फैला है।

स्वामीशुक्र
गणमनुष्य
योनिमूषक (स्त्री)
नाड़ीमध्य
दशाशुक्र · 20 वर्ष

चार पद और नामाक्षर क्या हैं?

पदआरंभनवांश राशिनामाक्षर
113°20′ सिंहसिंहMo (मो)
216°40′ सिंहकन्याTa (टा)
319°60′ सिंहतुलाTi (टी)
423°20′ सिंहवृश्चिकTu (टू)

पूर्वा फाल्गुनी दशा क्रम को कैसे प्रभावित करता है?

चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी में हो तो जीवन शुक्र महादशा (20 वर्ष) से आरंभ होता है; जन्म के समय शेष अवधि इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे था। इसके बाद सूर्य दशा आती है।

गुण मिलान में पूर्वा फाल्गुनी की क्या भूमिका है?

समान नाड़ी (मध्य) वाले नक्षत्र — जिनसे परंपरागत रूप से नाड़ी दोष बनता है: भरणी, मृगशिरा, पुष्य, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा भाद्रपद. समान नक्षत्र पर भिन्न पद जैसी स्थितियों में परंपरा इसे निरस्त मानती है।

समान गण (मनुष्य) — गण कूट में पूर्ण 6 अंक: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, उत्तरा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद.

समान योनि (मूषक) — योनि कूट में पूर्ण 4 अंक: मघा.

पूर्वा फाल्गुनी के बारे में लोग और क्या पूछते हैं?

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?

पूर्वा फाल्गुनी का स्वामी शुक्र है। इस नक्षत्र में जन्म हो तो पहली विंशोत्तरी दशा शुक्र की होती है।

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?

चारों पदों के पारंपरिक नामाक्षर: मो, टा, टी, टू।

पूर्वा फाल्गुनी का गण और नाड़ी क्या है?

गण: मनुष्य, नाड़ी: मध्य, योनि: मूषक।

शिशु के लिए नक्षत्र आधारित नाम

पद, नामाक्षर और अर्थ सहित नाम सूची।

शिशु नाम रिपोर्ट

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